🔔 नागरिकता संशोधन कानून (CAA) 2019━━━━━━━✧❂✧━━━━━━━◈ भारतीय नागरिकता कानून 1955 में बदलाव के लिए 2016 में नागरिकता संशोधन विधेयक 2015 संसद में पेश किया गया था।◈ यह लोकसभा में 10 दिसंबर 2019 और अगले दिन राज्‍यसभा से पास हुआ। 12 दिसंबर को राष्‍ट्रपति की मंजूरी मिलते ही CAA कानून बना।◈ भारतीय नागरिकता कानून 1955 में अब तक 6 बार (1986, 1992, 2003, 2005, 2015 और 2019) संशोधन हो चुका है।◈ 11 मार्च 2024 को केंद्र सरकार ने CAA की अधिसूचना जारी की।

किसे मिलेगी नागरिकता?
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◈ 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता दी जाएगी।
◈ इन तीन देशों के अल्‍पसंख्‍यक लोग ही नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे।

आवेदन कैसे कर सकेंगे?
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◈आवेदन ऑनलाइन करना होगा।
◈ आवेदक को बताना होगा कि वे भारत कब आए।
◈ पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेज न होने पर भी आवेदन कर पाएंगे।
◈ इसके तहत भारत में रहने की अवधि 5 साल से अधिक रखी गई है।
◈ बाकी विदेशियों (मुस्लिम) के लिए यह अवधि 11 साल से अधिक है।

CAA कानून में चार राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों को छूट
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◈ यह कानून संविधान की छठी अनुसूची में शामिल असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्रों को छूट देता है।
◈ इसमें असम में कार्बी आंगलोंग, मेघालय में गारो हिल्स, मिजोरम में चकमा जिले और त्रिपुरा में आदिवासी क्षेत्र के जिले शामिल हैं।

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